
रायपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य के बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स, औद्योगिक विकास और सुशासन को आर्थिक विस्तार के प्रमुख आधार बताया।
उत्तर प्रदेश-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में राज्य के बजट, सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि महिलाओं की कार्यबल भागीदारी तीन गुना से अधिक बढ़ी है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तथा डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। राज्य में 17 हवाई अड्डे, देश का सबसे बड़ा रेलवे नेटवर्क, मेट्रो नेटवर्क, पहला रीजनल रैपिड रेल, पहला अंतर्देशीय जलमार्ग, दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स हब मौजूद हैं।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जापान की तकनीक और विशेषज्ञता का लाभ भारतीय किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत-जापान साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका लाभ किसानों, युवाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मिलना चाहिए।
चौहान ने जापानी कंपनियों और संस्थानों से ऐसी तकनीक और कृषि मशीनरी विकसित करने का आग्रह किया, जो छोटे और सीमांत किसानों के लिए उपयोगी और सुलभ हो। उन्होंने ऐसी तकनीक विकसित करने पर जोर दिया, जिससे कृषि उत्पादकता बढ़े, पानी और उत्पादन लागत कम हो तथा किसानों की आय में वृद्धि हो।
उत्तर प्रदेश-जापान इन्वेस्टमेंट मीट 2026 का आयोजन 18 से 23 अगस्त तक उत्तर प्रदेश और दिल्ली में हो रहा है। इसमें 200 से अधिक जापानी उद्योगपति, सीईओ, कारोबारी प्रतिनिधि और नीति-निर्माता हिस्सा ले रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार करीब 27.5 अरब डॉलर रहा।